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सीएसआईआर -राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाएं
आईएसओ 9001: 2008 प्रमाणित संगठन


सीएसआईआर-एनएएल
निदेशक का संदेश

निदेशक का संदेश

राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाएं (एनएएल) वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का एक घटक जो देश का एकमात्र नागरिक वांतरिक्ष अ-वि प्रयोगशाला है। शुरुआत 1 जून 1959 को दिल्ली में हुई और 1960 में इसका स्‍थानांतरण बेंगलूरु के  अपने दो परिसरों (कोडिहल्ली और बेलूर) में हुआ। सीएसआईआर-एनएएल एक उच्च तकनीक उन्मुख संस्था है जो वांतरिक्ष के उन्नत विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और महत्‍वपूर्ण विज्ञान पदार्थ, अभिकल्‍प और छोटे और मध्यम आकार के नागरिक विमानों के निर्माण और सभी राष्ट्रीय वांतरिक्ष कार्यक्रमों के समर्थन के साथ वांतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का विकास करने का अधिदेश है। पिछले पांच दशकों में सीएसआईआर-एनएएल ने प्रतिबद्ध प्रयासों से वैमांतरिक्ष के अधिकांश विषयों में विशेषज्ञता और मुख्य दक्षता हासिल कर रहा है। हमेशा चुनौतियों को स्वीकार करने में तत्‍पर है और राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण उत्पाद और प्रौद्योगिकियों को वितरित करता है और देश के लगभग सभी मिशन-मोड वांतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए यह सर्व-प्रधान स्थान बन गया है। इसरो और डीआरडीओ के प्रमुख वांतरिक्ष कार्यक्रमों में प्रयोगशाला का महत्वपूर्ण योगदान है। सीएसआईआर-एनएएल के सामरिक क्षेत्रों में विकास कार्य ने तकनीकी वंचित क्षेत्रों पर काबू पाने में देश की मदद की है। सिविल और रणनीतिक क्षेत्रों में प्रयोगशाला के महत्वपूर्ण योगदान ने नई प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों के विकास किया है, जो उद्योगों के प्रयोग के लिए भी हैं। उद्योगों में प्रयोग हेतु कुछ महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों में से; हंस-3, दो सीटों वाला प्रारंभिक पूर्ण मिश्रित प्रशिक्षण वायुयान, निगरानी के लिए लघु यूएवी, नए और लागत प्रभावी संविरचित प्रौद्योगिकियॉं, डीआरडीओ-एडीई के निशांत यूएवी के लिए वीआरडीई के साथ विकसित 55एचपी वेंकेल इंजन, वायुवाहित और मौसम अनुप्रयोगों के लिए रडोम, सम्मिश्र एयरफ्रेम निर्माण हेतु स्वदेशी आटोक्लेव, भारतीय सेना के लिए लक्ष्य पर बुलेट हिट लगाने के लिए ध्वनिक एन-वेव पहचान का प्रयोग कर दृश्‍य का पता लगाना (ध्‍वनि), दृष्टि - हवाई अड्डा रनवे दृश्यता निर्धारक प्रणाली हेतु विकसित एक तेज और सटीक ट्रांसमीसोमीटरो, वायुयान के कॉकपिट हेतु उन्नत डिस्प्ले सिस्टम, इंटीग्रेटेड ग्लोबल बस एविऑनिक्स सिस्टम (आईजीएपीएस), फ्लाइट ऑपरेशन क्वालिटी एश्योरेंस (एफओक्यूए) सॉफ़्टवेयर जो विमानन में महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में भारतीय वायुयानों द्वारा दशकों से प्रयोग किया जा रहा है, अभियांत्रिकी और जैव चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए NiTi शेप मेमोरी एलाय, ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों के लिए जीएमआर संवेदन, वांतरिक्ष एवं स्‍वचालित मोटर अनुप्रयोगों केलिए क्रोमैट फ्री संक्षारण प्रतिरोधी कोटिंग और आदि। सामाजिक अनुप्रयोगों के लिए कई तकनीकों का विकास किया गया है। औद्योगिक और घरेलू सौर वॉटर हीटर के लिए नैलसन सौर चयनात्मक कोटिंग, पवन ऊर्जा उत्‍पत्ति के लिए 300 किलोवाट और 500 किलोवाट क्षमता की पवन टर्बाइन, घिसाव प्रतिरोध को बेहतर बनाने के लिए कोटिंग हेतु कटिंग टूल उपकरण और बेहतर उपकरण जीवनकाल जैसे अनुप्रयोग सामाजिक प्रभाव हेतु महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। जैसा कि ऊपर देखा जा सकता है, सीएसआईआर-एनएएल ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी और उत्पाद विकास में काफी योगदान दिया है और कई राष्ट्रीय वांतरिक्ष कार्यक्रमों में अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस साइट पर कुछ मिनट बिताएं। मैं आपको दो सप्ताह में कम से कम एक बार इस साइट को ब्राऊस करने के लिए भी आमंत्रित करता हूं ताकि हम सीएसआईआर-एनएएल में हो रही घटनाओं से आपको अवगत कराएं। मुझे व्यक्तिगत रूप से आपके प्रश्नों और सुझावों को प्राप्त करने में खुशी होगी और मैं आपको त्वरित और सकारात्मक उत्तर देने का प्रयास करूंगा।

जितेन्द्र जे जाधव
निदेशक, सीएसआईआर-एनएएल


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